11:48 am - Friday April 27, 2018

भोपाल में रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी : मुख्यमंत्री

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा भोपाल में स्थापित की जाएगी। आजादी के आंदोलन में वनवासियों के संघर्ष और बलिदान का स्मरण करते हुये कहा कि आजादी की लड़ाई में वनवासी समाज ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने के लिए प्रदेश सरकार ने वनवासी वीरों के स्मारकों का निर्माण करवाया है।
मुख्यमंत्री कमला देवी पब्लिक स्कूल भोपाल में आयोजित बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चौहान ने इस अवसर पर बिरसा भगवान, वीर टंट्या भील, भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, रानी दुर्गावती और कमलापति के संघर्ष और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद के संस्थापकों का स्मरण करते हुए देश में 3 हजार से अधिक खेल केंद्रों के संचालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में परिषद की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और स्मारिका अरण्याजंली का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आव्हान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। साथ ही आश व्यक्त की कि ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी का स्वर्ण पदक भारत के खिलाड़ियों को शीघ्र ही मिलेगा। चौहान ने कहा कि तीरंदाजी के प्रशिक्षण की उत्कृष्टतम सुविधा उपलब्ध कराने और महाकौशल के जनजातीय तीरंदाजों को प्रतिभा निखारने का अवसर देने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी एकेडमी की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रतियोगिता में आए सभी खिलाड़ी राज्य के मेहमान हैं। इन खिलाड़ियों को समय की उपलब्धतानुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाये। खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की मध्यप्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के कोच समीक्षा करेंगे। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का एकेडमी में चयन किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा करते हुए बताया कि मप्र की तीरंदाजी एकेडमी उत्कृष्टतम है। एकेडमी में मप्र के 80 प्रतिशत और देश के अन्य क्षेत्रों के 20 प्रतिशत खिलाड़ियों को तीरंदाजी प्रशिक्षण की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए वनवासी कल्याण परिषद को बधाई देते हुए कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें परिषद के सहयोग की भी अपेक्षा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि नए भारत के निर्माण में वनवासी समुदाय का योगदान प्रमुख है। नवीन भारत के निर्माण में जिस तरह मध्यप्रदेश की सरकार प्रयास कर रही है, उसी तरह का कार्य वनवासी अंचल में परिषद द्वारा खेल के क्षेत्र में किया जा रहा है। नवीन भारत का जो सपना स्वामी विवेकानंद ने देखा था, उसे ही साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में तीरंदाजी का महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिये तीरंदाज तेल में देखकर मछली की आँख भेदने को ही अपना लक्ष्य बनाएं।

Filed in: न्यूज़ टुडे, मध्य प्रदेश

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