11:41 am - Friday April 27, 2018

किसानों की फसल कम दाम पर नहीं बिकने देंगे : मुख्यमंत्री

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसानों की फसल को कम दाम पर नहीं बिकने दिया जायेगा। किसानों को उनके कृषि उत्पाद की उचित कीमत दिलवाई जायेगी। यदि बाजार में किसानों की फसलों के दाम कम होंगे, तो नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। राज्य में चाहे प्राकृतिक आपदा का मामला हो अथवा कोई अन्य कारण राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री आज बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय वारासिवनी में किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में 72 हजार किसानों के बैंक खातों में ऑनलाइन क्लिक कर 57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। चौहान ने इस अवसर पर 419 करोड़ रुपये लागत के 201 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा किसानों के हित में फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष पहले प्रदेश में किसानों को कृषि कार्य के लिए 18 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण मिला करता था। अब किसानों को जीरों प्रतिशत से भी कम दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि किसानों को 57 करोड़ रुपये की राशि प्रोत्साहन राशि के रूप में बँटेगी। लेकिन राज्य सरकार ने यह कर दिखाया है। श्री चौहान ने कहा कि जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर पिछले वर्ष गेहूँ एवं धान का विक्रय किया है, उन्हें 1700 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बाँटी जा रही है। इस वर्ष जो किसान समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय कर रहे हैं, उन्हें 265 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री कृषक ऋण समाधान योजना की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों का ऋण कालातीत हो चुका था और जिन्हें शून्य प्रतिशत ब्याज का लाभ नहीं मिल रहा था, राज्य सरकार ने उनके लिए भी योजना तैयार की है। ऐसे किसानों का ऋण ब्याज माफ कर दिया गया है। ऐसे किसानों को मूल धन की आधी राशि जमा करनी होगी। शेष आधी राशि का समायोजन शून्य प्रतिशत ब्याज पर लिये जाने वाले ऋण में कर दिया जायेगा। बालाघाट जिले में प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसके लिए उन्हें 12 करोड़ रूपये की राहत राशि स्वीकृत कर दी है। यह राशि किसानों के बैंक खाते में जमा करा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह भी तय किया है कि यदि किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा में 50 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो उन्हें दी जाने वाली सहायता राशि 15 हजार रुपये प्रति हेक्टर से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टर कर दी गई है और ऐसे किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

Filed in: न्यूज़ टुडे, मध्य प्रदेश

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