11:49 am - Friday April 27, 2018

नगर पालिका-परिषद नगर निगम में मर्ज, कर्मचारियों का संविलियन भूले

” नगरीय प्रशासन विभाग ने इसी साल 16 नवंबर को नियमों में संशोधन कर गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। ”
” नोटिफिकेशन के सवा महीने बाद भी संविलियन के लिए किसी भी नगर निगम में नहीं शुरू हुई कार्रवाई । ”

भोपाल : प्रदेश के आधा दर्जन नगर निगमों की करीब साढ़े 3 साल पहले सीमा वृद्धि कर नगर पालिका और ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। लेकिन इन नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के हजारों कर्मचारियों का आज तक विधिवत रूप से नगर निगम में संविलियन नहीं हो पाया। पहले सरकार ने इसके लिए नियमों में संशोधन करने में सवा तीन साल का समय लगा दिया। जब सरकार ने नियमों में संशोधन कर दिया तो नगर निगम के कमिश्नर और महापौर इस पर अमल कर कर्मचारियों के संविलियन करने के मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। संविलियन के लिए नियमों में सरकार ने संशोधन कर इसी साल 16 नवंबर को राजपत्र में प्रकाशन करवाया था।
आश्चर्यजनक बात तो यह है कि नियमों में संशोधन के बारे में संबंधित नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी कमिश्नर और जनप्रतिनिधि महापौर को जानकारी ही नहीं है। इन नगर निगमों के कमिश्नर और महापौर कह रहे हैं कि हम काफी पहले संविलियन कर चुके। जब नियमों में ही सरकार ने सवा महीने पहले संशोधन किया है तो कर्मचारियों का विधिवत संविलियन इसके पहले कैसे हो सकता है। जबकि वास्तविकता यह है कि कर्मचारियों के संविलियन के लिए कमिश्नर को एक समिति का गठन करना चाहिए था, परन्तु नियमों में संशोधन के सवा महीने बाद भी प्रदेश की किसी भी नगर निगम में ऐसी किसी समिति का गठन नहीं हुआ है। समिति में आयुक्त अथवा उनके द्वारा अपर आयुक्त स्तर का नाम निर्देशित अधिकारी अध्यक्ष होगा। जबकि निगम की वित्त शाखा का वरिष्ठ अधिकारी, नगरीय प्रशासन एवं विकास का संभागीय संयुक्त संचालक समिति के सदस्य और नगर निगम की स्थापना शाखा का प्रभारी अधिकारी सदस्य सचिव होंगे । यह समिति संविलियन के लिए कर्मचारियों की जानकारी लेकर परीक्षण उपरांत अपनी अनुशंसा सहित रिपोर्ट मंजूरी के वास्ते मेयर-इन-कौंसिल को भेजेगी। वर्ष 2014 में नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की सीमा वृद्धि की गई थी । भोपाल नगर निगम में कोलार नगर पालिका और नजदीक की ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था । जबकि बाकी तीन नगर निगम में ग्राम पंचायतें ही शामिल की गई थी । इधर छिंदवाड़ा और मुरैना नगर पालिका को अपग्रेड कर ग्राम पंचायतों को शामिल कर नगर निगम बनाया गया था।
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कहां कितने निकाय और ग्राम पंचायतों का हुआ था विलय

भोपाल नगर निगम- कोलार नगर पालिका के 1 से 25 नंबर के वार्ड और 8 ग्राम पंचायत का विलय किया गया।
इंदौर नगर निगम- सीमा वृद्धि में 23 ग्राम पंचायतों का विलय किया गया था।
जबलपुर नगर निगम – सीमा वृद्धि में 55 ग्रामों का विलय नगर निगम में हुआ था।
ग्वालियर नगर निगम – यहां पर सीमा वृद्धि में 72 ग्राम नगर निगम में मर्ज हुए थे।
छिंदवाड़ा नगर निगम – नगर पालिका से नगर निगम बनाने पर सीमा वृद्धि में 24 ग्राम और 18 ग्राम पंचायतों का विलय किए गए थे।
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क्या कह रहे जिम्मेदार लोग

सीमा वृद्धि के बाद शामिल ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों का संविलियन हमारे यहां काफी पहले हो गया।
वेद प्रकाश, कमिश्नर
नगर निगम जबलपुर
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इंदौर नगर निगम में शामिल ग्राम पंचायतों के कर्मियों के
संविलियन की प्रक्रिया जारी है ।
मनीष सिंह, कमिशनर
इंदौर नगर निगम
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कोलार नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों का संविलियन हो चुका है । केवल 25 दिन के कर्मचारियों का मसला बाकी है।
आलोक शर्मा, महापौर
भोपाल नगर निगम

Filed in: न्यूज़ टुडे, मध्य प्रदेश

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